एक दिन, देर रात करीब बारह बजे, मूसलाधार बारिश हो रही थी। अनिल जी मुंबई में थे। विनीता ने नीचे कारपोर्ट की लाइट देखी। कार्तिक पानी में भीग रहा था, और उसके सिर से खून बह रहा था - पार्किंग में फिसल कर वह गिर गया था।
इंटरनेट के आगमन ने इस विधा को पूरी तरह बदल दिया। आज का अधिकांश सामग्री वेब पोर्टल्स और ब्लॉग्स पर पाई जाती है। ये कहानियाँ अक्सर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ती हैं: antarvasana-hindi-kahani
नमस्कार दोस्तों, आज मैं आपके लिए एक ऐसी कहानी लेकर आई हूँ जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। यह कहानी है अंतरवासना की, जो एक अनोखी और रहस्यमयी कहानी है। देर रात करीब बारह बजे
अंतरवासना, यह एक ऐसी चीज है जो हमारे अंदर होती है, और यह हमें सही और गलत के बीच का अंतर बताती है। रोहन की कहानी हमें सिखाती है कि अगर हम अपने आसपास के लोगों की भावनाओं और जरूरतों को नजरअंदाज करते हैं, तो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक नहीं जाना चाहिए। antarvasana-hindi-kahani
ये कहानियाँ पाठक को बेचैन कर देती हैं, क्योंकि हर पाठक को अपने जीवन में कभी न कभी किसी न किसी रूप में अंतर्वासना ने जकड़ा है।