Ziyarat E Nahiya In Hindi [cracked] -

ज़ियारत-ए-नहिया की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल सलाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आशूरा के दिन की घटनाओं का एक सजीव और मार्मिक चित्रण प्रस्तुत करती है।

The Imam sends peace upon the Prophets (Adam to Muhammad) and then specifically upon Imam Hussain and his loyal companions. ziyarat e nahiya in hindi

इमाम-ए-ज़माना का ग़म (The Grief of the 12th Imam): Detailed Account of Karbala

"सलाम हो तुम पर ऐ अबा-अब्दिल्लाह! सलाम हो उस बच्चे पर जिसे गोद में लेकर तुम शहीद हुए। सलाम हो उन ज़ख्मों पर जो तुम्हारे पाक जिस्म पर लगे।" ziyarat e nahiya in hindi

इसमें यह बताया गया है कि इमाम हुसैन की शहादत पर केवल इंसान ही नहीं, बल्कि फरिश्ते, जिन्नात, ज़मीन और आसमान की हर चीज़ रोई है。 आध्यात्मिक गहराइयाँ

जब हम कर्बला के वाकये और इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद करते हैं, तो 'ज़ियारत-ए-नाहिया' (Ziyarat-e-Nahiya) का नाम बड़े अदब से लिया जाता है। यह ज़ियारत न केवल एक दुआ है, बल्कि यह कर्बला के मंज़र का वह आईना है जिसे खुद इमाम-ए-ज़माना (अतफ) ने बयान किया है।

: It begins with peace and greetings to divine prophets such as Adam, Noah, Abraham, Moses, and Jesus. Detailed Account of Karbala