एक ही ईश्वर (अल्लाह) की इबादत का संदेश।
हालाँकि, इस्लाम यह भी सिखाता है कि मूल तौरात को समय के साथ मानव हस्तक्षेप (तहरीफ़) के कारण बदल दिया गया। फिर भी, मुसलमान मूल तौरात को अल्लाह की सच्ची वाणी के रूप में सम्मान देते हैं। taurat kitab hindi